लाखों वर्ष से भारतीयों के खगोल विज्ञानी होने का प्रमाण है : मकर संक्रांति
मकर संक्रांति अकेला ही पश्चिम और अरब के सभी पर्वों पर भारी है। सूर्य की गति पर आधारित यह उत्सव भारत के लाखों वर्ष से खगोल वि…
मकर संक्रांति अकेला ही पश्चिम और अरब के सभी पर्वों पर भारी है। सूर्य की गति पर आधारित यह उत्सव भारत के लाखों वर्ष से खगोल वि…
मुगलों की महानता का बहुत ढोल बजाया गया। एक वर्ग मुगलों को भारत का निर्माता बताता है। परन्तु स्वयं उनके समय के इतिहासकार …
बनारस में मुझे एक युवा बौद्ध मिले, जो म्यांमार के रहने वाले हैं और जो 5 सालों से भारत के दो यूनिवर्सिटीज में बौद्ध धर्म प…
डॉ आंबेडकर द्वारा 1945 में लिखी पुस्तक “पाकिस्तान अथवा भारत का विभाजन” के अंश का सरल हिंदी अनुवाद है- “सड़कों पर चलती हु…
(शंकर शरण का यह लेख पुराना है, पर आज भी पठनीय और प्रासंगिक है) दिल्ली विश्वविद्यालय में ' आर्यो के आगमन ' विषय पर…
बहुत से शांतिदूत पोर्टल और फेसबुक पेज पर पढ़ने को मिल जाता है, जिसमें एक कुख्यात अपराधी यौन विकृत "शेर अली अफरीदी&q…
डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने दौलताबाद किले (देवगिरि किला, महाराष्ट्र) की यात्रा के दौरान मुसलमानों द्वारा उनके साथ और उनके स…
दरअसल गौतम बुद्ध के कुल (शाक्यवंश) को इस बात का अहंकार हो गया था कि वे मनुष्यों मे सबसे ऊँचे हैं। पहली बात तो शाक्य खुद …
वो 1987 का वर्ष था। राजस्थान के एक छोटे से गांव में कुछ ऐसा हुआ कि पूरा देश चौक गया। भारत ही नहीं, विश्व भर के अखबारों …
Our website uses cookies to improve your experience. Learn more
Ok